Sunday, January 17, 2016

HAQ JAMAA'AT , AHLE SUNNAT WAL JAMAA'AT

आइए हम सब मुसलमान  एक ही परचम के निचे एक हो जाए
जहां ........!
# न हो कोई  हुजूर सल्लल्लाहो अलयहे वसल्ल्म कोई  "बशर " कहने वाला
# न हो कोई  हुजूर सल्लल्लाहो अलयहे वसल्ल्म को " अपने बड़े भाई जैसा " कहने वाला
# न हो कोई  हुजूर सल्लल्लाहो अलयहे वसल्ल्म के  "इल्मे गैब " के बारे में एतराज़ करने वाला
# न हो कोई  हुजूर सल्लल्लाहो अलयहे वसल्ल्म की  "में'अराज " पे शक करने वाला
# न हो कोई  हुजूर सल्लल्लाहो अलयहे वसल्ल्म की " मिलाद " पर एतराज़ करने वाला
# न हो कोई   हुजूर सल्लल्लाहो अलयहे वसल्ल्म को " मर कर मिट्टी में मिल गए " {म'आज़ अल्लाह}        कहने वाला
# न हो कोई   हुजूर सल्लल्लाहो अलयहे वसल्ल्म के बारे में  "बुराई " कहने वाला
# न हो कोई अल्लाह त'आला के औलियाए किराम  की " बेहुरमती"  करने वाला
# न हो कोई  "फातेहा ख्वानी " पर एतराज़ करने वाला
# न हो कोई  "वसीले मांगने को  शिर्क " कहने वाला

****सुन्नते  हम आम करे ...दिन का हम काम करे .... नेक हो जाए मुसलमान ..... मदीने वाले ..... !
*************हक्क जमाअत   ..... ..... ..... अहले सुन्नत वल जमाअत  ************************